जीरकपुर, अखंड लोक (देव शर्मा)
किशनपुरा स्थित रहमत होम्स सोसायटी में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर कौंसिल जीरकपुर की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और पार्किंग क्षेत्र में कथित रूप से अवैध तरीके से बनाई गई 24 दुकानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने विरोध जताया और अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई, जबकि बड़ी संख्या में सोसायटी के निवासी भी मौके पर एकत्र होकर कार्रवाई को देखते रहे।

नगर कौंसिल अधिकारियों के अनुसार जिन दुकानों को सील किया गया, उनका निर्माण सोसायटी की स्वीकृत पार्किंग भूमि पर किया गया था, जिससे निवासियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। विभाग का कहना है कि संबंधित बिल्डर एवं अन्य पक्षों को पहले कई बार नोटिस जारी कर निर्माण हटाने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर न तो नियमों का पालन किया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। इसके बाद पंजाब म्यूनिसिपल कानूनों के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने नगर कौंसिल की कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों से बहस की। वहीं, सोसायटी के निवासियों ने भी सवाल उठाया कि जब पार्किंग क्षेत्र में लगातार निर्माण कार्य चल रहा था, तब संबंधित विभाग ने समय रहते इसे रोकने के लिए सख्ती क्यों नहीं दिखाई। उनका कहना था कि यदि शुरुआती स्तर पर कार्रवाई होती तो आज दुकानदारों और स्थानीय लोगों को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
हालांकि कार्रवाई के दौरान सोसायटी के कई निवासियों ने सवाल उठाए कि जिन दुकानों का निर्माण लंबे समय से चल रहा था, उस दौरान नगर कौंसिल के तत्कालीन अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया। उनका कहना था कि यदि निर्माण के शुरुआती चरण में ही सख्ती बरती जाती तो करोड़ों रुपये का निर्माण खड़ा नहीं होता और अब दुकानदारों व स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
निवासियों ने मांग की कि मामले में सिर्फ दुकानों को सील करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि यह भी जांच हो कि अवैध निर्माण के दौरान संबंधित अधिकारियों की क्या भूमिका रही और उस समय नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।




