चंडीगढ़ /देव शर्मा 

पुनीत ने कहा कि गीता हर व्यक्ति में प्रेरणा का स्त्रोत है।ये धर्म ग्रंथ की तरह नहीं एक शिक्षक की तरह है। हमें जीना सिखाती है। हमारी प्रॉब्लम्स को सॉल्व और डिजाॅल़व करती है। इसलिए इसे स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए।

 

  • पुनीत इस्सर सेक्टर 30 स्थित माखन शाह लुबाना भवन में हिंदु रिपब्लिक ऑफ हिंदुस्तान के लिए आयोजित 11वीं हिंदु पंचायत में वक्ता के तौर पर पहुंचे थे । अपनी बेबाकी के लिए हमेश से जाने जाने वाले महाभारत के दुर्योधन पुनीत इस्सर रविवार को चंडीगढ़ में थे। शंकराचार्य परिषद द्वारा सेक्टर 30 स्थित माखन शाह लुबाना भवन में हिंदु रिपब्लिक ऑफ हिंदुस्तान के लिए आयोजित 11वीं हिंदु पंचायत में वक्ता के तौर पर पहुंचे पुनीत इस्सर ने सभी को एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि इतनी ठंड में जब मैं अपने बुजुर्ग किसानों, बच्चों और महिलाओं को सिंघु-टिकरी बॉर्डर पर धरना देता देखता हूं तो मुझे बहुत दुख होता है। किसानों को उनका हक मिलना चाहिए। सरकार के आगे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि इनकी मांगों को ध्यान से सुनकर कोई निष्कर्श निकालें। इसके बाद पुनीत ने एक कविता भी सुनाई।

जब इस्सर से पूछा कि एक ओर आप किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कंगना रनौत इसका विरोध कर रही हैं। इसपर आप क्या कहना चाहते हैं? इसके जवाब में वह बोले, गलत तो गलत ही है। किसानों के साथ गलत हुआ है तो गलत हुआ है। कोई ऐसा कैसे बोल सकता है? वट्सएप की नॉलेज बेहद खतरनाक है। इतना कहते ही उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे पंजाबी कलाकारों को भी नसीहत दे डाली। बोले, खालिस्तान की जाे बात हो रही है उसका खंडन भी करना चाहिए। इसपर चुप क्यों रहते हैं?

बोले सिख धर्म सिंबल्स का धर्म है। हमारे पंच ककार में शामिल 5 चीज वो हैं जिनका पहला अक्षर ‘क’ है। इनमें .केश, कंघा, कच्छा, कड़ा और कृपाण यही वह 5 चीजें हैं जो हर खालसा की पहचान हैं। सिखी का मतलब है जो खालस होगा वो सिख होगा। जो सोहणी वो सिखणी है। यानी जो अच्छी बात वो सीखनी है। मुश्किलों को झेले वो सिख है। रक्षक सिख हैं। हमारे आजकल के लड़के नीले पीले लाल बाल सीधे खड़े करते यू मैन यू मैन करते हैं। ये कहां के सिख हुए?

पालघर की घटना पर जल्द रिलीज हो रही फिल्म ‘संघार’

पुनीत ने बताया कि जल्द उनकी फिल्म संघार ऑडियंस के बीच होगी। यह फिल्म पालघर के साधुओं की निर्मम हत्या पर बनी फिल्म है। हमारा सनातन धर्म क्या है, हिंदु धर्म क्या है। लोगों को ये पता चलना चाहिए। हमने दुनिया को सिखाया है। सागर पर पत्रों को तैराया है। ये फिल्म उसी के बारे में है। यही मायने में यह एक नैशनलिस्ट फिल्म है।

गीता धर्म ग्रंथ नहीं शिक्षक है

पुनीत ने कहा कि गीता हर व्यक्ति में प्रेरणा का स्त्रोत है।ये धर्म ग्रंथ की तरह नहीं एक शिक्षक की तरह है। हमें जीना सिखाती है। हमारी प्रॉब्लम्स को सॉल्व और डिजाॅल़व करती है। इसलिए इसे स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए।

जहां स्त्रियाें की पूजा वहीं देवताओं का वास

नेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर पुनीत इस्सर ने एक संदेश दे दिया। बोले, हमारी माताएं क्षतरानियां हुई हैं। जिस घर में स्त्री की पूजा होती है, वहीं देवताओं का वास होता है। इसलिए महिलाओं की हमेशा इज्जत करनी चाहिए।

भारत के 11 प्रांतों में हिन्दु अल्पसंख्यक हो चुका है, यह खतरे की घंटी है -स्वामी आनंद स्वरूप

हिन्दू रिपब्लिक ऑफ हिन्दुस्तान के लिए हिन्दु पंचायतों के जरिए भारत की सनातन संस्कृति की जड़ों से हर भारतीय को जोड़ने का अभियान छेड़ा गया है। पंचायत सभा की अध्यक्षता करते हुए शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने वर्तमान समय को बड़ा परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि बदलाव की बयार पूरे देश को प्रभावित करेगी और सत्य सनातन संस्कृति का परचम संपूर्ण भारत वर्ष में फहराएगा। उन्होंने भारत सहित विश्व भर में सुख-शान्ति की स्थापना के लिए हिन्दुस्तान हिन्दु राष्ट्र बनाना न केवल जरूरी बताया, बल्कि उसे अपरिहार्य कहा। उन्होंने कहा कि यह कार्य तभी हो सकता है जब हिन्दु समाज जाति-पाति के स्वयं के बुने जाल को तोड़कर बाहर निकले और पूरा सनातनी समाज एकजुट हो जाए। उन्होंने शंकराचार्य परिषद के ‘जाति छोड़ो-हिन्दु जोड़ो’ अभियान की भी चर्चा की और बताया कि बड़े पैमाने पर हिन्दु समाज एकजुट हो रहा है तथा धर्मांतरण कर अन्य सम्प्रदायों में चले गए लोग हिन्दु धर्म में पुनः वापस आ रहे हैं। इस मौके पर पंचदशनाम जूना अखाड़ा के स्वामी धनेश्वर गिरि विशिष्ट वक्ता भी मौजूद थे।

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