डेराबस्सी /अखंड लोक (देव शर्मा) लालरू से ज़ीरकपुर हाईवे पर चलने वाली मिनी बसों की मनमानी अब चरम पर पहुंच गई है। हर दिन सुबह से शाम तक ये मिनी बसें खुलेआम ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करती नजर आती हैं, लेकिन संबंधित प्रशासन चैन की नींद सो रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि बस ड्राइवर खुलेआम बसों की छतों पर यात्रियों को बिठाकर उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मिनी बसों में पहले से ही क्षमता से ज़्यादा यात्री भरे होते हैं, और उसके बाद भी ज़्यादा यात्रियों को बैठाने के लिए छतों का सहारा लिया जाता है। हाईवे पर तेज़ रफ़्तार से दौड़ने वाली ये बसें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की है, लेकिन न तो ट्रैफिक पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई की है और न ही प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही, मिनीबस ड्राइवर सड़क के बीच में ही बसों को रोककर यात्रियों को चढ़ाते-उतारते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ रही है। कई बार तो दूसरी गाड़ियों के ड्राइवरों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। हाईवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक के बावजूद इस तरह की लापरवाही न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इंसानी जान से खिलवाड़ करने जैसा भी है। इलाके के लोगों ने ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि इन मिनीबसों के खिलाफ तुरंत एक्शन लेकर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। अगर समय रहते एक्शन नहीं लिया गया तो यह मनमानी किसी दिन बड़े हादसे का रूप ले सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। लोगों ने सरकार से भी अपील की है कि वह आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करे और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाए।




