डेराबस्सी / अखंड लोक (देव शर्मा)
बीते सोमवार सुबह डेराबस्सी-अंबाला-कालका रेलवे लाइन पर जनैतपुर अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिली एक लाश की चार दिन बाद पहचान हो गई है। मृतक की पहचान 49 वर्षीय कर्म सिंह के रूप में हुई है, जो स्वर्ण सिंह का पुत्र और गांव महिमदपुर, डेराबस्सी का रहने वाला था। वह पेशे से निजी चालक (प्राइवेट ड्राइवर) था।
हालांकि जिस नई कार को वह चला रहा था, वह घटना स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर जवाहरपुर स्थित ग्लास पैलेस के पास एक खाली खेत से बरामद हुई है। फिलहाल रेलवे पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्म सिंह के परिवार में उसकी पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें से एक किशोर गृह में है। 8 मार्च की रात उसे टोल प्लाजा पर एक नई किआ कार के साथ देखा गया था। बताया जा रहा है कि यह कार उसने एक ट्रक से उतारी थी और उसे एजेंसी यार्ड में छोड़ने जा रहा था।
मृतक का कुछ सामान भी कार से बरामद किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि रास्ते में उसका सामना कुछ लोगों से हुआ होगा और उसे जनैतपुर रेलवे अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर ले जाया गया, जहां यह वारदात हुई। पुलिस के अनुसार मृतक के हाथ और मुंह को पटरी पर डालने से पहले कपड़ों से ढका हुआ था।
**मौत ट्रेन की टक्कर से हुई या पहले हत्या कर शव पटरी पर रखा गया, जांच जारी : एसएचओ जीआरपी**
इस संबंध में रेलवे पुलिस के एसएचओ एसआई दिलबाग ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और कार की भी जांच की जाएगी। कर्म सिंह की मौत ट्रेन की टक्कर से हुई या पहले उसकी हत्या कर शव को पटरी पर रखा गया, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
उन्होंने बताया कि मृतक को रस्सी से बांधा गया था और शटरिंग में इस्तेमाल होने वाले एक बोल्ट से उसकी कमर को पटरी से बांधा गया था। यह लाश सोमवार तड़के करीब 3:50 बजे घग्गर और डप्पर रेलवे स्टेशनों के बीच जनैतपुर के पास बरामद हुई थी।




