डेराबस्सी / अखंड लोक
रमजान के पवित्र महीने के अवसर पर गांव भवात में हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन किया। इस दौरान विभिन्न धर्मों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए और आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान रोजेदारों ने नमाज अदा करने के बाद इफ्तार किया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और सभी ने मिलकर एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।
इस मौके पर रुस्तम शेख ने कहा कि रमजान का महीना मुसलमानों के लिए बेहद पाक और बरकतों वाला माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते हैं। उन्होंने बताया कि रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि बुरी आदतों से दूर रहकर नेक रास्ते पर चलने और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है।
उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम समाज में जकात की परंपरा है, जिसके तहत सक्षम लोग अपनी कमाई का ढाई प्रतिशत हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देते हैं, ताकि समाज में संतुलन और भाईचारा बना रहे।
इस अवसर पर रुस्तम शेख मरिंडा, हाजी गफूर खान भवात, असलम खान भवात, हनीफ खान भवात, सिकंदर अली भवात, लखविंदर सिंह भवात, हैप्पी सिंह, लक्की सिंह, कमल शर्मा भवात, निर्मल सैनी भवात, सुहेल खान भवात, अरबाज खान भवात, सलमान खान भवात, बिट्टू लोंगिया, गुरप्रीत सिंह, गोगी लोगड़, मनोज शर्मा, पंडित जी सहित गांव के कई अन्य लोग मौजूद रहे।




