क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: ‘सुपारी किलिंग’ गैंग का भंडाफोड़, चेनी मर्डर केस में महिला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

चंडीगढ़/अखंड लोक (प्रिंस गर्ग)

चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चमनप्रीत सिंह उर्फ चीनी कुब्बाहेड़ी हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता अमरीन (निवासी सेक्टर-35, चंडीगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या 18 मार्च 2026 को जिम की पार्किंग के बाहर गोली मारकर की गई थी, जिसने शहर में सनसनी फैला दी थी।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड के पीछे प्रॉपर्टी विवाद और कथित धोखाधड़ी मुख्य कारण थे। आरोपी अमरीन ने आरोप लगाया था कि मृतक चमनप्रीत सिंह ने न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी सौदे के दौरान उसके साथ धोखाधड़ी की, ऊंचे दाम वसूले और कब्जा देने में देरी की, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इसी रंजिश के चलते उसने सुपारी देकर हत्या की साजिश रची।

जांच के दौरान सामने आया कि अमरीन ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए कुख्यात गैंगस्टर लकी पटियाल से संपर्क किया। इस साजिश में मोहाली के गांव कैम्बाला निवासी प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह बैंस ने अहम भूमिका निभाई, जिसने अमरीन और गैंगस्टर के बीच संपर्क स्थापित किया। दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए बातचीत होती रही और हत्या के बदले मोटी रकम देने का सौदा तय हुआ।

मामले में अहम सफलता 29 अप्रैल 2026 को मिली, जब क्राइम ब्रांच टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाका लगाकर हर्षप्रीत सिंह (27) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक .45 बोर की पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह हथियार अमरीन के नाम पर पंजीकृत था। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25-54-59 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर लकी पटियाल ने इस हत्या की पूरी योजना को अंजाम तक पहुंचाया। उसने शूटर राजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को हथियार, मोटरसाइकिल और आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई। 18 मार्च को दोनों आरोपियों ने जिम पार्किंग में चमनप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।

क्राइम ब्रांच ने अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड अमरीन और उसके सहयोगी हर्षप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस केस के तार संगठित अपराध गिरोह से जुड़े हुए हैं और अन्य आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

**चंडीगढ़/अखंड लोक (प्रिंस गर्ग)

चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चमनप्रीत सिंह उर्फ ‘चेनी’ हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता अमरीन (निवासी सेक्टर-35, चंडीगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या 18 मार्च 2026 को जिम की पार्किंग के बाहर गोली मारकर की गई थी, जिसने शहर में सनसनी फैला दी थी।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड के पीछे प्रॉपर्टी विवाद और कथित धोखाधड़ी मुख्य कारण थे। आरोपी अमरीन ने आरोप लगाया था कि मृतक चमनप्रीत सिंह ने न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी सौदे के दौरान उसके साथ धोखाधड़ी की, ऊंचे दाम वसूले और कब्जा देने में देरी की, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इसी रंजिश के चलते उसने सुपारी देकर हत्या की साजिश रची।

जांच के दौरान सामने आया कि अमरीन ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए कुख्यात गैंगस्टर लकी पटियाल से संपर्क किया। इस साजिश में मोहाली के गांव कैम्बाला निवासी प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह बैंस ने अहम भूमिका निभाई, जिसने अमरीन और गैंगस्टर के बीच संपर्क स्थापित किया। दोनों के बीच एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए बातचीत होती रही और हत्या के बदले मोटी रकम देने का सौदा तय हुआ।

मामले में अहम सफलता 29 अप्रैल 2026 को मिली, जब क्राइम ब्रांच टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाका लगाकर हर्षप्रीत सिंह (27) को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक .45 बोर की पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह हथियार अमरीन के नाम पर पंजीकृत था। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25-54-59 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर लकी पटियाल ने इस हत्या की पूरी योजना को अंजाम तक पहुंचाया। उसने शूटर राजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को हथियार, मोटरसाइकिल और आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई। 18 मार्च को दोनों आरोपियों ने जिम पार्किंग में चमनप्रीत सिंह उर्फ चीनी कुब्बाहेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी।

क्राइम ब्रांच ने अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड अमरीन और उसके सहयोगी हर्षप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस केस के तार संगठित अपराध गिरोह से जुड़े हुए हैं और अन्य आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

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