राशनकार्ड धारकों ने निर्धारित रेट से अधिक दाम वसूलने और कम राशन वितरित किए जाने का लगाया आरोप
कोटेदार द्वारा घटतौली की भी आ रही है शिकायत

अखंड लोक (प्रशान्त राय) चौरी चौरा। प्रदेश सरकार अपनी उपलब्धियों तो गिनवाते समय यह दावा करती है कि सभी राशन कार्ड धारक को नियमतः राशन उपलब्ध हो रहा है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती दिखाई पड़ती है। आये दिन कोटेदारों द्वारा राशन कार्ड धारकों को कम राशन दिये जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता ही रहता है। ऐसा नही है कि यह वीडियो किसी अधिकारी के नजर में नहीं आते पर इनपे शायद ही कोई गौर करता हो। इस पर संज्ञान लेने की बात सोचना तो मानो पश्चिम से सूरज निकलने की उम्मीद करना है। अगर कोई राशन कार्ड धारक कभी हिम्मत कर के कोटेदारो से पंगा लेता है तो उसे अगले महीने राशन ही नही मिल पाता है। यहां लूटखोरी का विरोध करने का मतलब घर में चूल्हे में पानी डालने जैसा है। कोटेदारो द्वारा राशन कार्ड धारको को धमकाना यहां आम बात हो गई है। यहां कोटेदार यह धमकी भी देते हुए मिल जाते हैं कि जिसको जो करना है कर लें हम व्यवस्था ऐस ही चलाएंगे। अब सोचने वाली बात है कि ये कोटेदार किसके दम पर बिना डरे इतनी ज्यादती करते हैं। कोटेदारों की यह हिम्मत प्रशासन की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है। कोटेदार की दबंगई देखकर कई राशन कार्ड धारक कम राशन लेकर जैसे-तैसे गुजारा करने में लग गये हैं।
ऐसा ही एक मामला इटौवां में देखने को मिल रहा है। कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता बरती जा रही है। कार्डधारकों का कहना है कि कोटेदार प्रति माह वितरण के दौरान निर्धारित से कम राशन देते हैं। पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 5 किलो राशन देने का नियम है। लेकिन कार्ड धारकों को निर्धारित से कम राशन मिलता है। इसके साथ ही इटौवां गांव में कोटेदार द्वारा घटतौली की भी शिकायत आ रही है। कोटेदार द्वारा दिया गया राशन बाहर तौलने पर 2 से 3 किग्रा. कम ही होता है।
राशन कार्ड धारक मालती देवी ने बताया कि कोटेदार द्वारा दिया गया राशन बाहर वजन कराने पर हमेशा 3 से 4 किलो कम ही आता है। वहीं साहील का कहना है कि कार्ड पर 2 रूपये किलो गेंहू और 3 रूपये किलो चावल का दाम निर्धारित है लेकिन कोटेदार सभी से प्रति किलो 50 पैसे बढ़ा कर लेता है।
अब यहां सवाल उठता है कि आखिर किसके दम पर कोटेदार द्वारा राशन कार्ड धारकों के हक का राशन डकारा जा रहा है। कहीं इसमें अधिकारियों की भी मिली भगत तो नहीं है ? यह जांच का विषय है।
कैसे करें कोटेदार की शिकायत
ग्रामीण क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है कि बहुत से कोटेदार महीने का पूरा राशन ही गायब कर देते हैं इस धांधली में कई जगहों पर उनके ऊपर ऑफिसरों का भी हाथ होता है। जिसके कारण कोटेदार पूरे महीने का राशन हड़प कर लेते हैं। अगर ऐसी समस्या आपके साथ यह आपके आस-पास होती है। तो ऐसे संबंधित आप घर बैठे ही ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। और अपनी शिकायत की स्थिति की भी जांच कर सकते हैं।
1. टोल फ्री नम्बर के द्वारा
राशन डिपो से संबंधित शिकायत या खाद्य से संबंधित जानकारी लेने के लिए अधिकतर आपको ऑफिसों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अगर आपको राशन डीलर या कोटेदार से किसी भी प्रकार की कोई समस्या है या कोई जानकारी लेना है तो आप खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को फोन करके जानकारी दे सकते हैं और शिकायत भी कर सकते हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में शिकायत करने के लिए आप 18001800150 या 1967 पर टोल फ्री फोन कर सकते हैं। आप इस नंबरों करो सभी प्रकार के शिकायत और उससे संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे। इन नंबरों पर आप किसी भी कार्य दिवस पर शिकायत या जानकारी ले सकेंगे।
2. ऑनलाइन शिकायत करके
अगर आप कोटेदार या खाद्य विभाग से संबंधित कोई भी शिकायत है तो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत कर सकेंगे। इसके लिए आपको आपूर्ति खाद एवं रसद विभाग की साइट पर जाना होगा और वहां से शिकायत दर्ज करानी होगी।
इसके लिए सबसे पहले आपको अपने मोबाइल में या लैपटॉप में fcs.up.gov.in/Important/ContactUs.aspx को ओपन करने के बाद नीचे दिए गए ऑनलाइन शिकायत पर क्लिक करना होगा।
ऑनलाइन शिकायत पर क्लिक करने के बाद पेज ओपन होगा जिसके नीचे शिकायत दर्ज करने का ऑप्शन दिखाई देगा। शिकायत दर्ज करने के लिए उस पर क्लिक करें। और अगर शिकायत की स्थिति जानना चाहते हैं तो उसके नीचे दिए ऑप्शन पर क्लिक करके आप अपने किए गए शिकायत की स्थिति जान सकते हैं।
शिकायत की स्थिति जानने के लिए आपको शिकायत संख्या डालना होगा उसके बाद ओके पर क्लिक करना होगा। अगर आप उसका दर्शन ना होता शिकायत पर क्लिक करने के बाद पेज ओपन होगा जिसमें आपको शिकायत से संबंधित जानकारी फिल करना होगा।
उसमें आप लोगों 1500 शब्दों में शिकायत दर्शा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए मोबाइल नंबर का होना अति आवश्यक है और शिकायत का विषय भी होना अति आवश्यक है। फॉर्म को फील हो जाने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।
अगर बार बार शिकायत करने के बाद भी कोेटेदार के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो सिधे तौर पर अपने शहर के एसडीएम और डीएम से भी शिकायत कर सकते हैं।

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